Monday, December 28, 2015

संवेदनशील !

मौत से ज्यादा संवेदनशील है भूख़
मौत से ज्यादा संवेदनशील है बेवकूफ़ी
मौत से ज्यादा संवेदनशील है शोषण
मौत से ज्यादा संवेदनशील है आत्मा का विलाप
माफ़ कीजियेगा
इस भीषण कोलाहल में,
मौत अब संवेदनशील नहीं रही।




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