Wednesday, August 21, 2019

A letter to my younger self.


इससे पहले किसी को प्रेम करने जाना
अपने भीतर प्रेम का दीपक जला लेना,
प्रेम हुए बिना प्रेम करना
तुम्हारे भीतर के अहंकार के पोषण की युक्ति भर है फिर अगले ही क्षण तुम प्रेम मांगना शुरू कर दोगे

इससे पहले तुम दुनिया बदलने जाना
तुम अपने आत्मा को परिष्कृत कर लेना,
ख़ुद के भीतर बदलाव की एक लौ भर जला लेना, नहीं तो दुनिया तो हिटलर भी बदलना चाहता था

तुम्हारी किसी के प्रति कोई जवाबदेही नही है
सिवाय अपने स्वचेतना के,
अपनी आत्मचेतना के प्रति ईमानदार रहना
यही सत्य है, शिव भी यही है और यही सुंदरतम् है।



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